Career Option After 10th Class……एक अवलोकन

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Career Options After 10th Class
Career Options After 10th Class

10वीं परीक्षा के बाद क्या चुने –

प्रत्येक वर्ष लाखों छात्र व छात्रायें 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण परीक्षा उत्तीर्ण करते है वह चाहे किसी भी बोर्ड से हो। 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रत्येक छात्र के मन में एक ही संशय/सवाल  रहता है कि 10वीं के बाद ऐसा कोनसा Course चुने जोकि उनके करियर को एक नई दिशा दे सकें और यह साभाविक भी है क्योंकि कक्षा 10वीं ही उनके करियर के चुनाव का आधार सतम्भ है।वर्तमान में छात्रों के लिए कक्षा 10वीं के बाद चुनने योग्य अध्ययन क्षेत्र है जो कि उन्हें उनके करियर चुनाव करने में सहायता करते है। मुख्यतः कक्षा 10 के बाद चुने गए विषय जैसे आर्टस का अध्ययन कर विभिन्न competitive exams में भाग ले अपने करियर निर्माण कर सकते है उसी प्रकार commerce विषय का अध्ययन कर Charted Accountant, Company Secretary व Banking Sector जैसे अनेकों अवसर मौजूद है तथा Science विषय के अध्ययन से Doctor, Engineer तथा Scientist सहित अनेकों रोजगार की संभावना है। आज हम कक्षा 10वीं के बाद छात्र अपने आगे के अध्ययन के लिए ऐसा कौनसा विषय चुने जोकि भविष्य में उनके लिए रोजगार के लिए सहायक हो सके उन बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित करेंगें।

1. सर्वप्रथम तो कक्षा 10 के बाद विद्यार्थी को अपनी रूचि के अनुसार विषय का चयन करना चाहिए इससे यह होगा की विद्यार्थी का आगे का अध्ययन उबाऊ न होकर मनोरंजक व बाधारहित हो जायेगा। जैसे की यदि विद्यार्थी का मन तकनीकी कार्यो में लगता है तो उसके लिए अन्य विषयों की बजाय विज्ञान विषय अधिक फायदेमंद रहेगा और यदि विद्यार्थी अर्थशास्त्र में अच्छा है तो उसके लिए काॅमर्स विषय का चयन सर्वश्रेष्ठ है। 

2. विषय का चुनाव करने से पहले विद्यार्थी को चाहिए की वह जिस भी विषय का चुनाव कर रहा है उसके अन्तर्गत उस विषय की बारीक से बारीक जानकारी कर लेनी चाहीए जैसे विषय की कठिनता, रोजगार के अवसर, संभावनाएँ, परीक्षा की प्रकृती इत्यादि। विषय की सम्पूर्ण जानकारी विद्यार्थी अपने अध्यापक या संबंधित विषय में अध्ययनरत सीनियर छात्रों द्वारा ली जा सकती हे। यदि आपके द्वारा चयनित विषय में ज्यादा रोजगार की संभावनाएँ नहीं है उस विषय को छोड अपनी अन्य क्षेत्रों की रूचि अनुसार विषय को चुन उस पर शोध प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ करनी चाहिए। 

हर एक विद्यार्थी में भिन्न-भिन्न गुण व कमजोरियाँ मौजूद रहती है और इसी प्रकार प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लिए उचित विषय के चयन का निर्णय लेना भी महत्वपूर्ण होता है। तो आइए हम कक्षा 10 के बाद उपलब्ध विषय क्षेत्रों पर नजर डालते है और उनका विश्लेषण करते है। 

Commerce: अर्थव्यवस्था में तेज़ी से हो रहे विकास के साथ ही वित्त और लेखा में रोजग़ार के अवसरों को व्यापक लोकप्रियता हासिल हुई है और इस तरह Commerce विषयक्षेत्र भारत में छात्रों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय विकल्पों में से एक के तौर पर उभरा है. Commerce विषयक्षेत्र में पढ़ाये जाने वाले प्रमुख विषय EconomicsAccountancy और Business Study हैं. छात्र प्रमुख विषयों के साथ-साथ MathInformatics PracticePhysical Education आदि ले सकते हैं. Commerce विषयक्षेत्र में छात्र को एक अनिवार्य भाषा विषय सहित 6 विषयों का चयन करना होता है. इस विषयक्षेत्र में अच्छे वेतन पैकेज और सम्मानजनक रोजग़ार अवसरों के साथ आकर्षक रोजग़ार अवसर उपलब्ध होते हैंजैसे कि Chartered AccountantCompany SecretaryBusiness ManagementBankingAccountant और Financial Adviser आदि.


Science: Science भारतीय छात्रों के लिये सर्वाधिक लोकप्रिय विषयक्षेत्र है. यह सैंकड़ों विषयक्षेत्रों के लिये एक मंच के तौर पर कार्य करता हैजैसे कि MedicalComputer ScienceDefenseEngineering और Agriculture SciencePlant Pathologyइवोल्यूशनरी Biology और कई अन्य. विज्ञान विषयक्षेत्रों को मुख्यत: दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है- क) Engineering (PCM) और ख) Medical (PCB).


क) Engineering (PCM) अथवा Non Medical Line: 

जो कि Engineering अथवा Non Medical Line में रुचि रखते हैं वे PCM (Physics, Chemistry और Maths) को अपने प्रमुख विषयों के तौर पर और 2 अन्य अपनी पसंद के विषयों का चयन कर सकते हैं. कक्षा 11वीं और 12वीं में Math रखने से Engineering college जैसे कि IITLIT और देश भर में अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने के लिये आपका मार्ग प्रशस्त होगा. देश में यह प्रवृत्ति रही है कि बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को यह सोचकर कि Engineering उनके लिये बेहतर कॅरिअर विकल्प होगाNon Medical विषयक्षेत्र चुनने के लिये मज़बूर करते हैं. इससे प्रतीत होता है कि इन दिनों इंजीनियरिंग करना एक फैशन बन गया है और हर कोई बगैर अपनी क्षमताओं का विश्लेषण किये इस गाड़ी में सवार होना चाहता है. लेकिन यह नोट कर लिया जाना चाहिये कि अन्य कॅरिअर विकल्प भी हैं जो कि Engineering की तरह समान कॅरिअर विकास और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करते हैं. सबसे महत्वपूर्ण है कि इस बात की परवाह किये बिना कि दूसरे लोगों का झुंड क्या कर रहा हैअपनी क्षमताओं का विश्लेषण करें और तद्नुसार आगे बढ़ें.


ख) Medical (PCB): 

Science विषयक्षेत्र उन्हें उत्कृष्ट Career Option प्रदान करता है जो कि जीवन विज्ञान के क्षेत्र में जाने के इच्छुक होते हैं और जो कुछ नई या मानवीय जीवन के बारे में कुछ खोज़ करने के प्रति वास्तव में उत्सुक होते हैं. PCB (PhysicsChemistry और Biology) आपको Medical के क्षेत्र में उन्नत अवसर प्रदान करता है. इस क्षेत्र के लिये काफी यथार्थता और कठोर परिश्रम अपेक्षित होता है. 10+2 में PCB लेने के बाद आप विभिन्न Competition Examinations में उपस्थित हो सकते हैं और अपनी रुचि और प्रतिशतता के आधार पर अनेक पाठ्यक्रमों का चुनाव कर सकते हैं. स्नातक स्तर पर आप MBBSBDSNursingजैव प्रौद्योगिकीVeterinary Science  अध्ययनफॅारेंसिक विज्ञानों के साथ मानव शरीर और मनुष्य से जुड़े अनेक पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना जा सकता है.


Arts: 

Arts या मानविकी का विषयक्षेत्र आकर्षक अवसरों के साथ कॅरिअर की व्यापक संभावनाओं का प्रस्ताव करता है. HistoryGeographySocial Studies, Political Science, Psychology,  Journalism, Literature, Acting कलाओं जैसे विषयों सहित अनेक विषय इससे संबंधित हैं. छात्रों को दो भाषा विषयों को चुनना होगा जिनमें English अनिवार्य भाषा विषय है. हिंदी और संस्कृत वैकल्पिक भाषा विषय होते हैं. छात्र को इनमें से किसी एक को चुनना होगा.


यह विषयक्षेत्र ज्ञान का एक महान सागर है जिससे छात्र सभी तरह से लाभान्वित हो रहे हैं. कला विषयक्षेत्र के छात्रों के लिये अपना कॅरिअर शुरू करने के भी व्यापक विकल्प होते हैं. इससे IASIPSIFS Officer बनने के लिये महत्वपूर्ण सिविल सेवाएं परीक्षाओं के लिये द्वार भी खुलते हैं. इस विषयक्षेत्र में शैक्षणिक के साथ-साथ विभिन्न पद्धतियों पर आधारित मानवीय स्थिति का विश्लेषणात्मक, व्यावहारिक अध्ययन शामिल होता है.

Career Options After 10th Class

Diploma Courses: 10th के उपरांत तेज़ी से रोजग़ार चाहने वाले छात्रों के लिये Diploma courses एक अच्छा विकल्प होते हैं. डिप्लोमा धारकों को रेलवेकेंद्रीय/राज्य सरकारों अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कनिष्ठ अभियंताओं के तौर पर भी नियुक्त किया जाता है. डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की अवधि तीन वर्ष है. वे इंजीनियरी पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष में शामिल होने का अवसर प्रदान करते हुए Engineering पाठ्यक्रमों के गेटवे के तौर पर भी काम करते हैं और इससे एक शैक्षणिक वर्ष बच जाता है. 12वीं से Engineering में प्रवेश की बजाए डिप्लोमा से डिग्री के लिये प्रतिस्पर्धा का स्तर कम कठिन है. ये बहुतकनीकी पाठ्यक्रम विभिन्न विषयों में हो सकते हैं. कुछेक पाठ्यक्रम हैं:-


  • Automobile Engineering Diploma
  • Mechanical Engineering Diploma 
  • Civil Engineering Diploma
  • Computer Engineering Diploma
  • Electric Engineering Diploma
  • Electronics Engineering Diploma
  • Agriculture Engineering Diploma
  • Architecture Diploma 
  • Fashion Designing Diploma
  • Ceramic Technology Diploma
  • Interior Designing Diploma
  • Medical Lab Technology
  • Textile Engineering Diploma

ITI Courses: ITI अथवा Industrial Training courses 10th के बाद सर्वाधिक मांग वाले पाठ्यक्रमों में से एक हो गये हैं क्योंकि इनसे आकर्षक रोजग़ार अवसर उपलब्ध होते हैं. आईटीआई 130 से अधिक भिन्न-भिन्न विशेषज्ञताओं में प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होते हैं. विभिन्न आईटीआई पाठ्यक्रमों के लिये न्यूनतम अवधि छह माह से दो वर्ष की होती है. प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रशिक्षुओं अखिल भारतीय ट्रेड परीक्षा देनी होती है और सफल उम्मीदवारों को राष्ट्रीय ट्रेड प्रमाणपत्र प्राप्त होता है. कुछेक प्रमुख आईटीआई पाठ्यक्रम हैं:

Defense Services: मैट्रिकुलेशन के पश्चात छात्र लिखित परीक्षाओं जैसे कि भारतीय सेना सैनिक तकनीकी (M.E.R) परीक्षाभारतीय सेना सैनिक लिपिकीय परीक्षाभारतीय सेना सामान्य ड्यूटी (N.E.R.) परीक्षा आदि के जरिये सैनिक के पद पर भारतीय सेना में शामिल हो सकते हैं. भारतीय नौसेना भी छात्रों को डॉक यार्ड प्रशिक्षुओंनाविकों आदि जैसे रोजग़ार के अवसर प्रदान करती है.


Staff Selection commission (SSC): SSC दसवीं में सफल होने वाले छात्रों के लिये लिपिक ग्रेड परीक्षा आयोजित करता है

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